आत्महत्या समस्या का समाधान नहीं है (Suicide is not the solution)

आत्महत्या समस्या का समाधान नहीं है

लोग ऐसा  सोचते है की आत्महत्या किसी भी समस्या  का समाधान है ,लेकिन उनके  इस निर्णय से उनके शुभचिंतक ,रिस्तेदार,जीवनभर  के लिए  दुखी  हो जाते है है, उनकी  कमी  कइयों को रोज रुलाती है। हमारा जीवन  ईश्वर के  द्वारा  दिया गया सबसे बड़ा  वरदान है ,या गिफ्ट है ,या अमानत है , इसे हमें सम्हालकर रखना  है। समस्या या उतार चढ़ाव सभी के जीवन  मैं आते है , उन  चुनौतियों  का सामना हमें किस प्रकार करना है यही रोज सीखना है। यदि हमारी दृष्टि  में दोष  है तो उसे आँखों का डॉक्टर ठीक करता है ,लेकिन दृष्टिकोण गलत है तो उसे कोई विचारक ,काउंसलर या  मनोचिकिस्तक ही  ठीक कर सकता है। 

हमें जीवन जीने की  कला सीखना चाहिए।  उन  लोगो के बारे में पढ़ना या जानना  चाहिए जो लोग विषम सिचुएशन  से बाहर  निकल  कर  आये  और  आज  लोगो  को प्रेरित  कर रहे है। कुछ उपाय  इस प्रकार है। 

किसी  भी  काउंसलर या मनोचिकिसक से संपर्क करे। 

अपनी समस्या  को  अपने शुभचिंतक  से शेयर करे। 

योग, और प्राणायाम  नियमित  रूप से  करे। 

अकेले में ना रहे। 

किसी भी कार्य में अपने आप को लगाये जिसमे आपकी रूचि  हो। 

अपने आप से कहे कि मैं दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हूँ , दुनिया को मेरी बहुत जरुरत है , दुनिया  मेरे बिना  नहीं चल सकती।  इसे  बार बार मन मैं दोहराना है।

सभी को माफ़ कर दे जिन्होंने आपके साथ ख़राब व्यवहार  किया है , ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार ईसा  मसीह ने  किया था। 

Suicide is not the solution

 People think that suicide is the solution to any problem, but this decision of theirs makes their well-wishers, relatives, miserable for life, their lack makes everyone cry every day. Our life is the greatest gift given by God,  we have to handle it. Problems or ups and downs come in everyone’s life, how to face those challenges is to be learned everyday. If there is a defect in our eyesight, then the eye doctor corrects it, but if a vision is wrong then only a thinker, counselor or psychiatrist can fix it. We should learn the art of living life. You should read or know about those people who have come out of odd situations and are motivating people today. Some measures are as follows. 

          Contact any counselor or psychiatrist. Share your problem with your well-wisher. Do yoga, and pranayama regularly. Do not be alone, Engage yourself in any work that interests you. Tell yourself that I am the most important person in the world, the world needs me a lot, the world cannot run without me. This has to be repeated in the mind. Forgive everyone who has treated you badly, just as Jesus Christ did.

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