मास्टर एवं शिक्षार्थी, Master and Learner

मास्टर की चार भूमिका होती है पहला मार्गदर्शक, दूसरा शिक्षक, तीसरा मित्र ,और चौथा दार्शनिक । मार्गदर्शक के रुप में गुरु शिक्षार्थी को प्रोत्साहित करते हैं ,कोचिंग करते हैं, सिखाते हैं ,और विचार प्रदान करते हैं । मास्टर शिक्षक के रूप में शिक्षार्थी को समृद्ध बनाता है, शिक्षा देता है ,और ज्ञान प्रदान करता है।Continue reading “मास्टर एवं शिक्षार्थी, Master and Learner”

जो दीपक की तरह जलने को तैयार हो (Ready to burn like a lamp)

गिरे हुओं को उठाना, पिछड़े हुओं को आगे बढ़ाना, भूले को रहा बताना और जो अशांत हो रहा है उसे शांतिदायक स्थान पर पहुंचा देना, यह वस्तुत: ईश्वर की सेवा ही है. जब हम दुखी और दरिद्र को देखकर व्यथित होते हैं और मलिनता को स्वच्छता में बदलने के लिए बढ़ते हैं तो समझना चाहिएContinue reading “जो दीपक की तरह जलने को तैयार हो (Ready to burn like a lamp)”

यह मूड क्यों ऑफ हो जाता है ? Why this mood gets off ?

आजकल एक नया रूप चला है उस रूप का नाम है मूड ऑफ होना। आधुनिक समय के सभ्य व शिक्षित कहे जाने वालों में प्राय: अधिकांश इससे ग्रसित हैं। उनको यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आज तो अमुक काम कर ही नहीं सके, मूड ही नहीं हुआ क्या करें, आज तो ऑफिसContinue reading “यह मूड क्यों ऑफ हो जाता है ? Why this mood gets off ?”