यह मूड क्यों ऑफ हो जाता है ? Why this mood gets off ?

आजकल एक नया रूप चला है उस रूप का नाम है मूड ऑफ होना। आधुनिक समय के सभ्य व शिक्षित कहे जाने वालों में प्राय: अधिकांश इससे ग्रसित हैं। उनको यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आज तो अमुक काम कर ही नहीं सके, मूड ही नहीं हुआ क्या करें, आज तो ऑफिसContinue reading “यह मूड क्यों ऑफ हो जाता है ? Why this mood gets off ?”

“आत्महत्या”-अपराध या मनो विकृति “Suicide” – “Crime or Psychosis”

प्रत्येक व्यक्ति जीवित रहना चाहता है और अपने जीवन से प्यार करता है । वह उसकी सुरक्षा के लिए तरह तरह से साधन जुटाता है। मृत्यु से सभी को डर लगता है। हम लोग अनेक वीडियोस में देखते हैं कि सामने मौत आने पर पशु- पक्षी तक संघर्ष करने पर उतारू हो जाते हैं ,अर्थातContinue reading ““आत्महत्या”-अपराध या मनो विकृति “Suicide” – “Crime or Psychosis””

मनोविदलता Schizophrenia

मनोविदलता असामान्य व्यवहारों का वह समूह है जिसमें रोगी की वास्तविकता के साथ संबंध स्थापित करने की योग्यता तथा उसकी संवेदनात्मक एवं प्रतिक्रियाओं में आधारभूत विकृति उत्पन्न हो जाती है मनोविदलता में रोगी का वास्तविक से संपर्क टूट जाता है। सन 1896 में कैपलिन ने सर्वप्रथम इस रोग के बारे में जानकारी दी थी औरContinue reading “मनोविदलता Schizophrenia”

मानसिक रोग कितने विचित्र कितने भयावह ,

जर्मन पत्रिका “मेडिजिनिषे क्लीनिक” में छपे एक विस्तृत लेख में कई शरीर वैज्ञानिकों के अनुभव का सारांश छपा है जिसमें बताया गया है कि दर्द में जितना अंश शारीरिक कारणों का होता है उससे कहीं अधिक मानसिक तथ्य जुड़े होते हैं । ऐसे प्रयोग किए जा चुके हैं जिनमें मात्र पानी की सुई लगाकर रोगीContinue reading “मानसिक रोग कितने विचित्र कितने भयावह ,”